पथ प्रदर्शक
पथ प्रदर्शक

जीवन मे सबसे बड़ा अगर कोई पथ प्रदर्शक है तो वह है अपने दिल की आवाज जिसे हम अक्सर अनसुना करते हैं ।
प्लीज अपने दिल की सुनो
किसी ने क्या खूब कहा है-
मन के हारे हार है , मन के जीते जीत ।
2-हमारे बुजुर्ग -
हमारा दूसरा पथ प्रदर्शक है हमारा बुजुर्ग ,कहने को तो हम बिना अनुभव और ज्ञान के जन्म लेते हैं लेकिन जैसे ही हमारी बुद्धि परिपक्व होती है ,हमे बहुत कम उम्र में ही हजारो वर्ष का अनुभव और ज्ञान हमारे बुजुर्गो द्वारा प्राप्त हो जाता है वे केवल अपनी जिंदगी का तजुर्बा ही नही अपितु अपने से पूर्व के पीढ़ी से प्राप्त अनुभव को भी हमे बिना किसी शर्त प्रदान कर देता है बशर्ते कि हमारी तार्किक शक्ति और बुद्धि सशक्त होनी चाहिए ।
अतः हमें बुजुर्गो के साथ जब भी समय बिताने का अवसर मिले हमे चूकना नही चाहिए ।
3-पुस्तकें -
जैसा कि आप जानते हैं की पुस्तक एक अच्छा साथी और मार्गदर्शक ही नही वरन ज्ञान का भंडार होता है उनके अंदर न जाने कितनी ज्ञान की धारा समाहित होता है उनमें समंदर से भी ज्यादा गहराई और गंभीरता होती है ये उसे पढ़ने वाला विवेकी व्यक्ति ही पहचान पाता है ,पुस्तक के बिना मेरे ख्याल से मानव सभ्यता भी शायद अविकसित हो जाती ,पुस्तक में प्राणी जीवन के सभी क्षेत्रों तथा विशेषकर मानव जीवन की सभी पहलुओं तथा उनकी सफलता का रहस्य है ।शर्त केवल इतना है कि कौन किस प्रकार के पुस्तक का चयन करता है उसी के अनुसार उनकी चरित्र और जीवन का निर्माण होता हैं ।
अतः आज के युवा पीढ़ी से मेरी प्रार्थना है कि हे युवाओ ! आप लोग सकारात्मक पुस्तको को अपना साथी जरूर बनाओ ।
4-संगति
संगति के प्रभाव से भी आप लोग अनभिज्ञ नही होंगे , एक अच्छे व्यक्ति का संग हमारे हृदय में स्थित अच्छे भावो को कार्य के रूप में सृजित करने के लिए प्रेरित करता है वही बुरे व्यक्तियों का संग हमारे मन तथा बुद्धि में विकसित अच्छे एवम सकारात्मक भाव एवम विचारो को भी लुप्त कर देता है ,और जितना कुसंग का प्रभाव असरकारक और त्वरित होता है उतना ही सुसंग का प्रभाव धीरे धीरे होता है लेकिन उनमें व्यक्ति को चरित्रवान बनाने का पूरा सामर्थ होता है ।
अतः कुसंगति से बचना चाहिए ।
5-दोस्त
दोस्त का स्थान हमारे जीवन मे बहुत हीमहत्वपूर्ण होता है ,जिस बात को हम अपने सगे सम्बन्धियो रिश्तेदारों से नही कह पाते उसे हम बेझिझक अपने दोस्त से कह पाते हैं और उनके साथ रहकर अपने जीवन के सबसे खुशमय पल का अनुभव करते हैं ,एक सच्चा मित्र अगर मिल जाय तो जीवन सहज एवम आनन्दमय हो जाता है जीवन के दुख यूं ही कट जाते हैं ,किसी ने कहा भी है -ये दोस्त तेरे बिना जिंदगी ,जिंदगी नही लगती ।तू है तो लम्हा छोटा पड़ जाता है ।
अतः जीवन मे सच्चे दोस्तो का होना नितांत आवश्यक है ।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें